सुबह की अज़ान, शाम का भजन

tausif ahmad

सुबह की अज़ान, शाम का भजन
(17)
पाठक संख्या − 133
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सारांश

ये कहानी मेरे गाँव की है, और मेरे अनुभव से जुड़ी हुई है। मेरा विश्वास है कि इस तरह की कहानी शायद भारत की हर गांव की कहानी है। मेरा गाँव शहर से जुड़ा हुआ है, तथा राष्ट्रीय राजमार्ग गांव को दो धरो में बांटता है। आबादी कुछ दस हज़ार के लगभग की होगी जिसमे से बहुमत मुसलमानों की है। इसके बाद यादव हैं तथा कुछ और जातियां रहती हैं। यह बसावट सदियों पुरानी है, जो समय के साथ बढ़ती गयी, पर बदली नहीं गयी (धर्म के नाम पर), न सन 47 में, न सन 92 में, न सन 2002 में। हमारे गांव में यादवो को ‘गोरना’ कहते हैं, शायद यह नाम उनके दूध के कारोबार के कारण पड़ा होगा। मेरे घर भी, जब से हम बच्चे थे, दूध देने ‘फागु’ चाचा ( हम उन्हें इसी नाम से पुकारते आए हैं) ही आते रहे हैं।फागुचाचा को हमेशा हमने चाचा ही कहा क्योंकि ये रिश्ता हमारे लिए बड़ा ही प्राकृतिक था, क्योंकि शायद वो मेरे अब्बू को हमेशा भैया और मेरी अम्मी को भाभी कहते आए हैं। और कभी न तो मेरे अब्बू ने और न ही फागुचाचा ने हमें धर्म की भिन्नता और उनके आधार पर हुए भेदभाव के बारे में बताया, और न ही हमने अपने घर में इन बातों को लेकर कोई चर्चा की। हमारे गाँव में मेरे अब्बू के दावे के अनुसार कभी कोई साम्प्रदायिक दंगे भी नहीं हुए। ये रिश्ता हमारे लिए उतना ही प्राकृतिक था, जितना शायद आदिम समाज में मर्द-औरत या काले-गोरे के बीच रहा होगा। मेरे विचार से उन्माद और भेदभाव तो सभ्यताओं की देन रही है।
patrick. henry
Excellent insight as expected from तौसीफ keep राइटिंग
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Rashid iqbal
Dil ko chhoo lena wali kahani
Sumit Kumar
Heart touching and simple story......... That interprets the communal harmony. It tells us that for the understanding of human values and love one doesn't need to be educated or literate. Sometimes a less educated person can define things so much easily and effectively.
Priya
Apne lekhan se aisa h prabhav dalte rhiye...uttam lekh.
Mohammad Amir
Behtareen lekh . Samaj and visheshtah gaon ki jhalak.
WAQAR RASHID
A very good article on communal harmony which has historically been our diverse heritage of common values, defining our Indian identity and tolerance:)
Noor E Ali
Very useful information for our society.. I hope that it will bring awareness in our society.. सोसाइटी..
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