सुजाता

मंजू सिंह

सुजाता
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सारांश

मुसीबत के समय सब साथ छोड़ देते हैं लेकिन सुजाता ने पति की मृत्यु के बाद अपने बच्चों को पालन के लिए किसी से मदद लेने की बजाय खुद ही हिम्मत की | ईश्वर ने भी उसका साथ दिया | उसकी बेटी मीता ने छोटी सी उम्र में समझदारी दिखते हुए अपनी माँ का साथ दिया तो सुजाता अपनी परवरिश पर धन्य हो गयी | सुजाता ने हालत के आगे कभी हार नहीं मानी और अंत में मुसीबतें हार ही गयीं |
Raj Rani
Bahut bahut acche prarnadayak story . Problems mai ghutne takene ki jagah unka samna karna chahiye.
Mithilesh Kumari
परिस्थिति से समझोता न कर, आगे बढ़कर कुछ कर लेने का संकल्प भविष्य को उजागर बना देता है मीता की मां का साहस इस कहानी में हमें प्रेरित किया है।
Beena Tewari Bisht
माता पिता के रहते भी मजबू री का फायदा उठाने वाले बहुत हैं समाज में लोग ! कहानी आस पास का आइना है !
Dr Deepayan Choudhury
संघर्ष का जीवंत चित्रण , साधुवाद
Pushpa Dinesh
बहुत ही बढ़िया कहानी है
Santosh Suman
हिम्मत मरदे मददे खुदा
anuj kasera
बहुत ही अदभुत कहानी।।।।
Sunita Pupreja
Very gud story and inspiring
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