साबिया का ब्याह

किशोर श्रीवास्तव

साबिया का ब्याह
(100)
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सारांश

मैं ट्रेन से उतरकर भीड़ के साथ प्लेटफार्म के बाहर आ गया था। बाहर, ‘बाबूजी कहाँ जाना है’, ‘बाबूजी कहाँ जाना है?’ का शोर करते हुए कई रिक्शे-तांगे वाले मेरे इर्द-गिर्द इकट्ठे हो गए थे। इस शोर-गुल के बीच ...
Savita Ojha
दुखद कहानी
Ritu Pant Madhwal
sach ki dharatal ko chutti hue khani.imandari, mehnat , dosti , vada sangarsh ko bahut hi ache tareeke s prastut kia gya h.khani ko padhte hue m vastvikta mehsus krne lgi.
Anand Jha
विषय बहुत ही मन को छू लेने वाला है
Prajapati Mahes
bahut, badeya.he.kahhane
shakun gautam
अच्छी कहानी है लेकिन अधूरी लगती है
Sunil Kumar Varma
bahut acha hai bhai aur likha karo es kahani par film banani chahiye
Prashant B.
Excellent.
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Suryaa Shukla
😢😢
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