साड़ी का कर्ज़

डॉ.अनुराधा शर्मा

साड़ी का कर्ज़
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सारांश

मैंने तब साड़ी की खराब हालत देख मन ही मन यह संकल्प कर लिया था कि एक ना एक दिन मैं ऐसी ही साड़ी खरीदकर लौटाऊंगी जरूर।
Krishna Kumar
अपनत्व से परिपूर्ण कहानी बेहद सुन्दर बधाई।
Krishna Khandelwal
Aesa lagta hai ki ye meri hi kahani hai iski मुख्य पात्र mae hi hun ,,, बहुत सुन्दर कहानी
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नीता राठौर
बेहद प्यार भरा संस्मरण
Pooja Sharma
आत्मसम्मान से भरपूर कहानी है दिल को छू लेने वाली कहानी है
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wazir singh
Very good thinking ji
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