साझा सफर***

Manju Lata Gola

साझा सफर***
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सारांश

है प्यार जमाने में अनमोल बड़ी शय है कुछ तुम भी पहल कर देखो, कुछ हम भी पहल कर देखें । **** हैं कांटे राहों में और दूर बहुत मंजिल कुछ तुम भी संभल चल देखो कुछ हम भी संभल चल देखें ।** बड़ी रात अंधेरी है ...
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