साँझ की व्यथा

प्रेरणा गुप्ता

साँझ की व्यथा
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सारांश

बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं, जो किसी की वृद्धावस्था की पीड़ा को महसूस नहीं कर पाते | जिन लोगों के बच्चे उनसे दूर रहते हैं, अपनी रोजी रोटी की खातिर या अन्य किन्हीं कारणों वश | ऐसे में वृद्ध माता-पिता किस तरह से अपना समय काटते हैं? यही मैं अपनी रचना के माध्यम से दर्शाना चाहती हूँ |
Sultana Ammi
heart touching story
Sushma Gupta
nice story, this is the reality of our society
Pushplata Kushwaha
this is old age problem but too much expectation from children is not proper because they have their own problems they love their parents but parents don't want to live them and they can't leave their jobs and come back .in this situation parents try to be independent they may hire services of someone or do some arrangement
Krishna Khandelwal singla
बहोत सुंदर रचना लिखी है
Rajender Prasad
bahut badhia kahani hai jaise Apne jeewan par Gujar rahi hai
MALTI DEVI
अछी कहानी.है ।आज के दोर की ।जी शुक्रीया ।
Aruna Anand
बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति !
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