साँझ की व्यथा

प्रेरणा गुप्ता

साँझ की व्यथा
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सारांश

बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं, जो किसी की वृद्धावस्था की पीड़ा को महसूस नहीं कर पाते | जिन लोगों के बच्चे उनसे दूर रहते हैं, अपनी रोजी रोटी की खातिर या अन्य किन्हीं कारणों वश | ऐसे में वृद्ध माता-पिता किस तरह से अपना समय काटते हैं? यही मैं अपनी रचना के माध्यम से दर्शाना चाहती हूँ |
Krishna Khandelwal singla
बहोत सुंदर रचना लिखी है
Rajender Prasad
bahut badhia kahani hai jaise Apne jeewan par Gujar rahi hai
MALTI DEVI
अछी कहानी.है ।आज के दोर की ।जी शुक्रीया ।
Aruna Anand
बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति !
Sarabjeet kaur
Hume aapno bacho ko sirf achi Education he nhi, aur v bhot kuch dena chahiye, unhe dharm k bare batana chahiye, spiritual bnna chahiye, paisa aur career he sb kuch nhi hota, hum sirf unhe paisa kamane, aur modern banane ki hod me lga dete h.
Ruby Modi
akelapan kya hota h ..yhi h
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