ससुराल में प्रताड़ित ( सच और झूठ)

Ruchika Shrivastava

ससुराल में प्रताड़ित ( सच और झूठ)
(49)
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सारांश

मैं शनिवार की शाम औफिस से ही एक रात मायके में रुकने आ गई. सीमा दीदी भी 2 दिनों के लिए आई हुई थी. सोचा सब से जी भर कर बातें करूंगी पर मेरे पहुंचने के घंटे भर बाद ही रवि का फोन आ गया.मैं बाथरूम में थी, ...
Suresh Thakur
बहुत ही सुन्दर लेख प्रस्तुत किया है जी आपने सुपर से भी 👆 उपर आज बहू है तो कल सास भी तो बनना है इस लिए छोटी छोटी तकरार लेकिन ढेर सारा प्यार वही तो है दुनिया के खुशनसीब और सुखी परिवार
Ashish Kala
sari bahuye esi nahi hoti 99% seema jesi hoti hain
ritu
प्यार भरी शिकायतें। अपनापन। लड़ाई झगडे के बीच भी प्यार । अच्छी बात है। प्रताड़ित तो नहीं किया गया बहू को। शिखा से तुलना कर दुखी इसलिए हुई वो क्यो कि एकल परिवार के जैसी उन्मुक्तता नहीं मिलती संयुक्त परिवार में।बस प्ररेणा हो आपस में तो सब ठीक।
ashwini jaiswal
ऐसा तो होता ही रहता है ko
Vanita Handa
ये रिश्ते ही ऐसे होते हैं इन्हें संभालने के लिए जरूरी हैं मन में किसी भी किस्म की बात ना रख कर उसे व्यक्त कर दिया जाए अब इसके लिए सबका तरीका अलग अलग हो सकता है जैसे की कहानी की नायिका का है।
Pammi Tandon
rishto me noke jhok to achchi lagti h
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