सवाल-जवाब

रमेश शर्मा

सवाल-जवाब
(25)
पाठक संख्या − 7488
पढ़िए

सारांश

निखालिस प्रेम का युग अब बीत चुका है ! प्रेम को बाजार ने बुरी तरह प्रभावित कर दिया है ! कुछ कुछ इसी बात को यह छोटी कहानी उठाती है !
vinod dhar
प्रेम अमूल्य धन आकर्षक
डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा
पैसा भगवान तो नहीं, पर उससे कुछ कम भी नहीं। आज के भौतिकतावादी युग में पैसा प्रेम से महत्वपूर्ण हो गया है, इस बात को बहुत ही अच्छे से आपने इस लघुकथा में प्रस्तुत किया है।
Shreastha Vyas
हास्य भी हो सकता है, पर सत्य है।
योगी योगेन्द्र
एकदम सत्य कहानी आधुनिक युग का एक ही परम् सत्य है पैसा पैसा पैसा
Vaibhav Pandey
aapne bahut achcha likha...
रिप्लाय
satish kumat
बहुत लंबी कहानी थी
रिप्लाय
Sandhya Singh
paisa Jarurat hai Jaruri nhi.....kash log samjh paate ....khair ...apne ach6a likha hai .,.
रिप्लाय
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.