सब्र

Himanshu raghav

सब्र
(24)
पाठक संख्या − 62
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सारांश

1-मेरी कब्र से कह दो कि सब्र रख  अभी इन्तकाम बाकी है। उसके जो इरादे थे मेरे लिये सभी   अभी उनका हिसाब बाकी  है ।।   2-तू सब्र रख, उसे सब्र नहीं हैं ,  जो होता उसे भी सब्र तो तेरे सब्र से उसे भी ...
sushma gupta
awesome beginning 👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻बेहतरीन लिखा है 👌👌👌👌💐💐
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Shobhna Goyal
बेहद खूबसूरत रचना ।👌👌👍👍
Harish pant
बहुत बढि़या भावाभिव्यक्ति
Pooja Mishra
बहुत खूब लिखा है आपने
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Dolly Malhotra
bht acha likha aapne
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kiran
bahut khub likha aapne...👌👌👌
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