सपने का डर , मेरे भविष्य को

योगेश रावत

सपने का डर , मेरे भविष्य को
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सारांश

आसमान से पड़ रही झमाझम बारिस ने एक तरफ तो मौसम सुहाना कर दिया , लेकिन दूजी तरफ , इंसानो के द्वारा छुपाई सहर की गंदकी ,,, को भी बहार लाके रख दिया ! लोग परेशान हे , पानी से बने तालाब से गुजरने के लिए , न
Anju Chouhan
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