सच्चे प्यार की जीत

गुलशन कुमार

सच्चे प्यार की जीत
(20)
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सारांश

अगले दिन सुबह दस बजे सोनागाछी गया राकेश से मिला। राकेश मुझे सुशीला जी के ऑफिस में ले गया मैं सुशीला जी को सारी कहानी सुना दिया। हम्म ये तो बहुत मुश्किल है इतने लोगो के बीच एक निशा को ढूँढना। क्योंकि यहाँ 15000 से ज्यादा सेक्स वर्कर हैं।फिर भी अपने टीम के लोगो को लगा देती हूँ और पुलिस कंट्रोल रूम में बात कर लेती हूँ अभी आप जाइये। मैं घर आ गया लेकिन बैचैन सा रहता था।
Sandhya Singh
nice
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Anju Maheshwery
nice story
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Shashi Mudgal
Very nice
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Vinita Sharma
Bhut sunder
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आशुतोष
लव ज़िहाद का एक और उदाहरण ।।। खैर जब तक लड़कियाँ खुद नहीं झेलती तब तक यकीं नहीं होता उन्हें की दोस्त और माँ बाप सही कहते हैं ।।। उनको लगता है की तुम लोग बस हिन्दू मुस्लमान में लगे रहोगे और वो भी इंसान ही हैं ।। नासमझ हिन्दू लड़कियाँ ।।।
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