सच्चा ये प्यार है...

आशीष कुमार त्रिवेदी

सच्चा ये प्यार है...
(263)
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सारांश

सूरज का लाल गोला धीरे धीरे उठता हुआ अब आसमान में चमकने लगा था। धनंजय अपनी मार्निंग वॉक से लौटा तो उसकी मकान मालकिन ने बताया कि कोई उसका इंतज़ार कर रहा है। उसे आश्चर्य हुआ कि यहाँ उससे मिलने कौन आ ...
Meeta Chaurasia
रचना बहुत ही अच्छी
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Rajni Gupta
👌👌
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Ashish kashysp
bahut saandar story, jiska vyaktitva Aisa ho, uske liye Dil se salaam
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Usha Gupta
speechless!!
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Beenu
bhut khub...
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मंगला रस्तोगी
भावपूर्ण अभिव्यक्ति मनको छू गई कहानी।
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Sunita Veer
Heart touching story
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Rashmi Asthana
अति उत्तम रचना
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shashiprabha srivastava
बहुत ही मार्मिक ढंग से लिखा गया है इतनी अच्छी तरह से सभी पात्रों का चित्रण किया गया है कि कहानी सजीव हो उठी है अच्छी रचना के लिए धन्यवाद् एवम् बहुत बहुत शुभकामनाएं
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