संस्कार भाग 2 (अंतिम भाग)

विश्वनाथ मिश्रा

संस्कार भाग 2 (अंतिम भाग)
(58)
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सारांश

आपकी बहु रहने लगे तो क्या आप जाकर उससे माफि मांगोगी या उसको स्वीकार कर लोगी। अब क्यों चुप हो गई आप? बोलो स्वीकार कर लोगी तो मैं आज ही जाती हूँ माफी मांगने। ये क्या बात हुई लड़के ने नाजायज काम किया तो लड़की की गलती। लड़की करे तो भी लड़की की। वाह क्या संस्कार है रीति रिवाज हैं। भाड़ में जाये ऐसे संस्कार।
Rajkumari Mansukhani
very nice and good message
lakky rao gadhe
Story is good but something is missing.
Mahesh Sharma
अच्छी स्टोरी सै
Varinder Kaur
superb 👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌
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Pooja Jaiswal
very nice story
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अनुपमा झुनझुनवाला
बहुत ही सुन्दर कहानी है।यदि हर लड़की इसी तरह से हिम्मत दिखाये तो कभी भी कोई पुरुष उसे धोखा देने का साहस भी नहीं कर पायेगा👏👏👏
मधुलिका साहू
सुन्दर । कथा का पहला भाग दूसरे भाग को झकझोरने के लिये काफी है ।तेजी से कथा आगे बढ़ी और एक रास्ता दिखा गयी । बधाई
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