श्रीकृष्ण आये थे

रचना व्यास

श्रीकृष्ण आये थे
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सारांश

सिर दर्द से फटा जा रहा था। करवटें बदलते- बदलते रात एक बजे नींद आई। सुबह तबियत कुछ हल्की थी। कमलकांतजी ने सोचा प्रकृति ने ये रात को नींद की व्यवस्था न बनाई होती तो इंसान पागल ही हो जाता। चाय की तलब ...
Shaline Gupta
अद्वितीय
Kalpana Pawar
जीवन के यथार्थ को दिखाने, आपनें अद्भुत कहानी लिखी, बधाई।
Nutan Bhati
मानव जीवन की सच्चाई को आईना दिखाती हुई बहुत ही मार्मिक अद्भभुत रचना लेखिका को बधाई..
Pooja Arora
laajawaab 👌👌👏
ragini agrawal
ultimate shabd nahi hai mere paas maximum log apni zindgi aise hi jeete hai jaane kyu ikattha karte hai kab ke liye aaj me nahi jeete
sunita das
kahani bohut achi hai
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