श्मशान घाट से नोट की यात्रा

SURYA RAWAT

श्मशान घाट  से नोट की यात्रा
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सारांश

श्मशान घाट से सौ का नोट आगे पहुंचा तो , उसने मुँह में रखकर
Indrabhan Pratap singh
बहुत सुन्दर प्रस्तुति है
Anil Kumar
आप कैसे कह सकते हैं की कभी इस तरह का कोई नोट आपके पास नहीं आया है पैसा हे चक्कर की तरह घूमता रहता है देवलोक से लेकर शमशान तक मेरे पास भी आया होगा कभी और हो सकता है आज भी जेब में हो
Uday Veer
lajabab Kabil'e tarif
चौधरी साहब
बाप रे. डरा दिया यार 😂
Arun Kumar Manglam
बेहतरीन उदाहरण सूर्य जी, आप ने एक अच्छे शिक्षक की तरह से समाज को समझाने की कोशिश इस कहानी के माध्‍यम से की है कि किसी का हृदय दुखा कर प्राप्त धन विनाश का कारण बनता है।
Pooja Arora
bahut badiya likha sir
Rajni Gupta
👌👌👌 kya likhte ho aap
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