शादी का सफर और वो

खेराज प्रजापति

शादी का सफर और वो
(302)
पाठक संख्या − 27077
पढ़िए

सारांश

मेरे कॉलेज का साथी जो की कोटा के पास के गांव से था।कॉलेज के बाद हम फिर से नही मिले परंतु सोशल मीडिया व फ़ोन की बातचीत से आपस में जुड़े हुए थे।कॉलेज के दिनों में वो कम ही दोस्तों के संपर्क में था केवल हम चार पांच दोस्तों के अलावा।एक दिन गर्मी की शाम उसका फ़ोन आया की पांच दिन बाद मेरी शादी है तुझे जरूर आना है।मैंने उसको हाँ बोल दिया।दूसरे दिन मेने दो चार दोस्तों को फ़ोन किया जो उसके संपर्क में थे कि उसकी शादी में चलना है ।सभी ने कुछ ने कुछ मजबूरिया गिना दी।
Pravasini Satapathy
कहानी अछा हे
Komal Patel
हम्म ऐसा भी होता है....... 👌👌👌👌👌👌
Noor Sharma
कहानी सच्ची लग रहि है
Ashok Lal
ऐसा प्रायः होता है. यह सत्य घटना है
Ram Kripal Maurya
कहानी या संस्मरण.... रोमांच और उत्सुकता अंत तक.. अच्छा प्रयास.
Munna Kumar
emotional 😥😥😥👌
Samreen Ansari
very nice👌👌👌
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.