शादी. काम

डॉ. मनीष गुप्ता

शादी. काम
(194)
पाठक संख्या − 15029
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सारांश

एक ऐसी प्यार की कहानी जो शुरू तो शादी. काम पर प्रपोज़ल से हुई और एक अटूट प्यार के बंधन में बंध गए /प्यार कभी ख़त्म नहीं होता चाहे जितनी रुकावटें उसके रास्ते में आएं वो अपनी मंजिल पाकर ही रहता है / अमिट प्यार /आशा है आप लोगो को पसंद आएगी / बहुत सारे सवाल उठेंगे कहानी पढ़ने के बाद जैसे क्या मुझे मेरा प्यार मिला / किन -किन मुसीबतों का सामना किया हमने अपना प्यार पाने के लिए /इन सारे और भी बहुत सारे सवालों का जवाब आपको मिलेगा शादी .काम पार्ट २ में जो आपके सामने बहुत जल्द होगी / शादी .काम का दूसरा भाग प्रकाशित हो चूका है / पूरी कहानी
Poonam Kaparwan
aaj v f.b per dost banter h bahut ache v or bahut buree v apki story achhi or sacchi lagi bahut sahi baat kahi agar pyr saccha h too puri kaayennat aa jaate h do pyr karne waalo ko mellanee.beautiful .
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Sudhir Kumar Sharma
अद्भुत
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Farha Khan
nyc story
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Sumit Khushlani
According to me aap apne parents k khilaaf naa jaye par kisi aur sebhi shdi se mana kar de. Dheere dheere hi sahi aapke parents aapki baat samjhenge.
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Minakshi Singh
sacche pyar ko mnjil milti hai or pathar b pinghalte hai Bs viswas rkhna chahye or ye hkikat hai
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Khushi Priyanka Gupta
sachche pyaar ko manzil mile ye jaruri nahi hota.
kiran
faisle sahi samay par hi ho toh theak rehta hai,kai baar samay haath se nikal jaata hai
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डा. मनसा पाण्डेय
bahut hi Samyik hai
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Suresh Kumar Banerjee
sahi faishla liya hai ek din gharbale maan jayenge
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mahendra yadav
very nice story
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