शहीद

संजीव जायसवाल ' संजय '

शहीद
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सारांश

अ.भा.प्रतियोगिता में ५००० कहानियों में 'प्रथम' पुरस्कार प्राप्त कहानी जिसके लिए राज्यपाल महोदय ने सम्मानित किया. भारतेंदु नाट्य अकादमी द्वारा इस कहानी पर प्ले किया गया. एक अंश .."मैं तड़प कर रह गया । मेरे ही सामने मेरे बेटे को ‘हरामी’ कहा जा रहा था और मैं सुनने के लिये मजबूर था ! जिस बेटे ने आज वीरता की नयी मिसाल कायम की थी उसे मेरे ही कारण गद्दार करार किया जा रहा था और मैं चूप था ! चाह कर भी दुनिया को सच्चाई नहीं बता सकता था । शाहदीप की महानता के आगे मुझे अपना कद बहुत छोटा दिखायी पड़ रहा था ।
Sunita Pathak
सच मे आंसुओ से दामन भिगो दिया कहानी ने...कहानीकार को दिल से सेल्यूट..👍💐💐
Juhi Gupta
sir, sach me bhut achchhi story h. kuch khaniya hi yesi hoti h jo padhne ke baad dimag se jati hi nhi. ye khani v isi trh ki h aap bhut achchha likhte h sir,
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Asha Shukla
अत्यंत उत्कृष्ट कहानी!!शुरू से अंत तक सम्मोहित करके रखा!!👌👌💐💐💐💐💐💐जादूभरी ,प्रभावशाली ,,मार्मिक रचना!!
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DrDiwakar Sharma
An excellent emotional story depicting love and sacrifice.None is lesser than another in bravery.
Himanshu Patel
इसकी तारीफ के लिए मेरे पास शब्द नही है ।
Meena Mishra
मर्मस्पर्शी कहानी
Pramod Jain
Bahut hi sunder nd heart touching rachna he
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