शर्त

महिमा (श्रीवास्तव) वर्मा

शर्त
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सारांश

मोबाइल पर बात ख़त्म करते हुए अबीर ने मानसी को आवाज़ दी. सुनो ! अब जल्दी से बताओ, कब चलोगी ? मैं बात करके उनसे मिलने का वक़्त तय कर लेता हूँ . "अबीर ने कहा .नन्हें को नहलाने में व्यस्त मानसी ने पूछा " पर
satish kumat
मानव मन कोई नहीं जान पाया
छाया प्रसाद
शर्त बहुत ही अच्छी कहानी है।खुद के बच्चे होने पर ही मातृत्व की भावना जागृत होतीं हैं। त
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