शक्ति

ऋचा तिवारी

शक्ति
(266)
पाठक संख्या − 14240
पढ़िए

सारांश

सारिका का घर से जाने का दिल नहीं कर रह था जाने क्यों वो बारबार अपनी माँ से कह रही थी"माँ आज कुछ अच्छा नहीं लग रहा"माँ न कहा"तो आज मत जा कॉलेज" दिल तो नहीं पर जाना ही होगा माँ सारिका ने माँ से कहा और ...
Pravasini Satapathy
कहानी बहुत अच्छी है परंतु बहुत सारी ल़डकियों ऐसी डी मैं बलि पड़ जाते हैं.
sukirti singh
samaj ke kuchh vikrit mansikta vale logo pr ghra tamacha jdti hui kahani ..👍
Geeta Rawat
yeh sach hai agar aurat apni Shakti Pehchan le to wo har musibat ka Samna kar sakti hai
रिप्लाय
rashmi sinha
Kash har larki aesi ho jaye
deepak jaiswal
bahot sundar rachna hai
रविन्द्र
🍓🌿🌿🍁🍁बहुत सूंदर रचना🌿🌿🌿🌿🙏🙏🙏🙏
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.