व्यथा एक महिला कुम्हार की

Mamta Singh Devaa

व्यथा एक महिला कुम्हार की
(53)
पाठक संख्या − 1557
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सारांश

एक महिला कुम्हार की व्यथा और हौसले की कहानी ।
Kavita Babel
inspiring story
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Jaiveer Singh Poonia
very nice
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Sunita Singh
inspirational story
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Hemant MOdh
धैर्यपूर्वक मेहनत से काम में लगे रहने के लिए, सफलता के लिए बहुत बहुत बधाई, शुभामनाएं... मेरे जैसे व्यक्ति के लिए लिंगभेद कोई माईने नहीं रखता हैं, मेरी दो बेटियों को मैं अपना सबसे अच्छा दोस्त मानता ही नहीं , महसूस भी करता हूं और व्यवहार करता हूं ! आपकी कहानी पढ़ी: आपके जज्बे को सलाम करता हूं ! आपके संघर्षों को पढ़कर भी महसूस करता हूं, यह महसूस करना ही तो "लिखनें" के लिए प्रेरित करता है। अपनी कल्पनाओं से और कड़ी मेहनत से "पात्रों" की रचना करती हैं, यें जों लगन और मेहनत का "जज्बा" आपके अन्दर हैं, यह "जज्बा" कभी हार नहीं मानने वाला, मैं आपके इस जज्बे को सलाम करता हूं, प्रणाम करता हूं ! आपकी प्रेरक कहानी के आधार पर फिल्म बनना चाहिए.. filmvisualizer@gmail.com कृपया "प्यार का एहसास" कहानी पढ़िएगा, प्रतिक्रिया के इन्तजार में..! Hemant Modh "इन्दोरीलाल"
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Sony Tripathi
Truly inspirational
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Ashok Prajapati
कायदे से आप दोनों कला-मिट्टी और साहित्य के धनी हैं । सोच को साकार रूप देने की अद्भुत क्षमता भी है । आत्मकथात्मक शैली काबिले तारीफ हैऔर रचना असंख्य लोगों के लिए उत्प्रेरक है । बधाई ।
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सतीश पोकळे
Great 🙏... मिट्टी के मटके का ठंडा पानी और कुल्हड की गरम चाय का मजा ही कुछ और है मॅडम... 👍
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rashmi srivastava
Salute..
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Manisha
बहुत खूब
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Sanjay Raghunath Sonawane-sundarsut
बहुत अच्छा लेखन!👍👌💐
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