वो हिजड़ा (नया अंत)

नितिन श्रीवास्तव

वो हिजड़ा (नया अंत)
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सारांश

एक्सीडेंट की वजह से एक महीने तक घर पर रहने के बाद आज बाहर निकला तो सब नया नया सा लग रहा था । ऐसा लगता था कि एक महीने में दुनिया ही बदल गई है । फिर ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया जिसने इतने भयानक ...
Ravinder Kumar
Shaandaar rachna👌👌
मंगला रस्तोगी
बहुत सुंदर प्रस्तुति
Mrunali Zatale
dil ko chhu gayi ...... awesome story
Yash Goswami
बहुत सुन्दर . हिजड़े के द्वारा बेहद शिक्षाप्रद कथन कि खुश रहना या दुःखी होना तो अपने हाथ है. रोचक कहानी.
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Rekha Jain
ये अंत और भी अच्छा है....
Sunaina Dubey
बहुत ही बढ़िया कहानी
Anand Jha
बहुत ही अच्छा है पर अंत अलग भी हो सकता था
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