वो रात

Krishna Singh

वो रात
(216)
पाठक संख्या − 17383
पढ़िए

सारांश

उस रात की अगर हम बात करते है तो हमारे अंदर डर का अनुभव होना शुरू हो जाता है ये बात बहुत साल पहले की है जब यह बात मेरे एक दोस्त ने बताई तो पहले तो विश्वास करना मुश्किल था लेकिन जब विश्वास हुआ तो ...
Dipti Biswas
सर ये कहानी मैं पाँच बार पढ़ चुकी हूँ सर हर बार और पढ़ने को मन करता है बहुत ज्यादा डरावना नही है लेकिन बहुत कुछ है जो मैं इस कहानी के हर पहलू को महसूस कर पाती हु। काफी अच्छा लिखा है आपने
रिप्लाय
Jitesh Donga
ग्रामर सीखें
Anju Kapoor
बिल्कुल सही निर्णय।सच में कभी कभी हमारी लापरवाही बहुत बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है।
aman singh
adhuri kahani....no ending
bharti
अरे यदि कोई अपने अनुभव शेयर कर रहा है तो प्रतिलिपि से अच्छा कोई मंच नही good job
Rajan Kumar
kuch bhi... kya bakwash h ye
Enaam Kuresi
bhosdi wale madechod kya likha h yeh
Arya Singh
to Kiya iska ye rasta hai ki apna Ghar bar chord de Or bhag jaye
devendra methri
om namaha shivay... krishna ji. dhanyavad.. kahani ke madhyam se aap ne bahut hi accha sandesh diya hai.
Mahii Khandelwal
nice try.... u can do better keep it up
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.