वो मेरे स्कुल में थी

निजा

वो मेरे स्कुल में थी
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सारांश

"हमेशा से ही इतने चुप रहते हो या आज कोई खास दिन है ?" यह उसका पहला मैसेज था. मैंने टाइप किया -- "नहीं. एसा कुछ तो ...." लेकिन भेजू उससे पहले उसका दूसरा मैसेज आ गया.. "आज लास्ट पीरियड के बाद ...
GandaBacha
Buhot Acha Laga Parker
Ajay Kulshreshtha
सुखद अंत नही,ं यह आरम्भ है।
Puja Thakur
सुन्दर रचना।
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Sandeep Rajpali
Kahani achi hai but t me iske aage ki Kahani or padhna chahta hu
रवीन्द्र स्वप्निल प्रजापति
vo mere ek perfect kahani hai lekin end ko aur achcha bana sakti ho... meri hai ki jagah koi esa end to love ki khubsurti ki jhalak de
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