वो बात कहाँ

kapil Tiwari Benaam🇮🇳

वो बात कहाँ
(77)
पाठक संख्या − 207
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सारांश

मॉल में जाकर महंगी से महंगी चीजें खाने में वह आनंद नहीं जो गांव में चुपके से गुड चुराकर खाने में आता था आज शहरों की महंगी से महंगी मिठाई में वो स्वाद कहाँ जो कभी-कभार मिलने वाली लापसी में था। ...
Komal Talati
sahi kaha apne gaav ki bate hi kuch or he...
Real
बहुत सुन्दर प्रस्तुति
Deepak Kumar
bahut acche din the wo...
Reena Rani
bhot hi achhi kahani aapne to purane samay ki yaad dila di very nyc
Geetha Rao
it's true
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Deepa Likhith
ಚೆನ್ನಾಗಿದೆ ಸರ್.. ಧನ್ಯವಾದಗಳು
Asha garg
Wah bahut hi shandaar 👍
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ओम प्रकाश त्रिपाठी
वाह क्या बात है? आपने बचपन की याद दिला दी। क्या भी दिन थे वे? अब वह सब कर नहीं सकते। सुंदर अभिव्यक्ति।
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Poonam Negi
that bidi k kagaj ko chot pe Maine bhi lagaya hai nice one why u follow me????
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