वो प्यारी मां और मासूम वैश्या

हिमांशु तिवारी आत्मीय

वो प्यारी मां और मासूम वैश्या
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विनोद कुमार राव
लाज़बाब , कोई शब्द नहीं है मेरे पास। जितनी तारीफ करूं उतनी कम है सुंदर अतिसुंदर
सुखचैन मेहरा
जी, बेहतरीन रचना आ0...💐💐💐
सौरभ वर्मा
एक धंधे वाली का ऐसा मार्मिक चरित्र चित्रण! निःसंदेह, रुपये बनाम शारीरिक भूख के मुकाबले को अन्योन्याश्रय संबंध की तरह दिखाया है आपने। जिसमें किसी व्यक्ति की शारीरिक भूख मिटने पर किसी घर का चूल्हा जलता है।
Deepa Dhiman
Heart touching and a bitter truth of society
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