वो दीवाली

बसंती पंवार

वो दीवाली
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सारांश

ट्रिन...........ट्रिन.............ा ..टेलीफोन की घंटी सुनकर अनिल ने फोन उठाया ा ‘‘हलो.......................‘‘ ‘‘आप अनिल साहब ही बोल रहे हैं ना ?‘‘ ‘’जी हां ! आप कौन ?’’ फोन पर किसी नारी कंठ की आवाज ...
rashmi
आप अच्छा लिखते हैं परन्तु जब लिखते हैं तो ष क्यो लिख जाते है पहली बार षहर ष से होता है जाना और षादी आषर्चय भी ष से
bharti raikwar
humne bhi Apne pati ke sath Aida hi majak Kiya that new year par , wo bhi yaad karke aaj bhi has dete hain
Geeta Ved
good story 🙏 🙏😄😃😃😆😆😆
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