वो कौन थी

Malti Mishra

वो कौन थी
(81)
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सारांश

चारो ओर घना अंधेरा फैल चुका था हाथ को हाध सुझाई नही दे रहे थे। ऐसे में चारों ओर भयानक सन्नाटा पसरा था। बादलों की गड़गड़ाहट से आत्मा थर्रा जाती। रह-रह कर बिजली यूँ कड़कड़ाती मानो अभी धरती पर गिर कर सब ...
Brajesh Chourasia
बहुत सुन्दर रचना...
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Jyoti Chaube
adbhut story hai
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Vaishali Dandge
Adbhut.........Sundar.........nishabd karwane wari Katha........ eachnakar ko lakho badhaiyan
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rajendra singh
no words bahut acchi
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Poonam Kumari
sundar
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afshan
superb👌
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sikander
Very nice
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Rishabh Shukla
very nice
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