वो करवट फेर कर सो गयी (कहानी)

विजय 'विभोर'

वो करवट फेर कर सो गयी (कहानी)
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सारांश

पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते पर आधारित कहानी आपको गहन चिंतन/मनन करने पर विवश कर देगी? अंत तक पढ़े जरूर और अपनी प्रतिक्रिया भी दें - छोटी सी बात ने एक बहस का रूप ले लिया और ये बहस रबड़ की भांति बड़ी होती चली गई । उस रात दोनों ने ही खाना नहीं खाया और आज तो एक नियम भी टूटा । बिस्तर में सरस्वती करवट फेर कर लेटी थी ।
Gunjan Gupta
कहानी पूरी तो लिखो,, या लिखते लिखते आपको भी नींद आ गयी, और सुबह उठ कर ऐसे ही अधूरी कहानी पोस्ट कर दी😊
Arun
Paisa as gaya tha na
नंदिनी सिंह
कई बार दुख लोगो को जोड़ता है और सुख उनके रिश्ते को तोड़ देता है ये कहानी भी ऐसी ही है
Iliyas Mirza
क्या कुछ भी कहानी का को सिर ना पैर थोड़ी तो समज रखो यार
Umesh Kumar
ye kahani Sabse acha end h... kash ki vo samjh pati..
ashish singh
ummid he shayad iska agla part bhi aaye
seema pal
bahut acha likha aapne
नीता राठौर
खूबसूरत अभिव्यक्ति। ये अहम की लड़ाई थी जब दोनों ने जीवन के हर दांव पेंच को समझदारी, प्रेम और विश्वास से निभाया था तो इसे भी दोनो को समझदारी से सुलझाना चाहिए था।
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