वो करवट फेर कर सो गयी (कहानी)

विजय 'विभोर'

वो करवट फेर कर सो गयी (कहानी)
(91)
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सारांश

पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते पर आधारित कहानी आपको गहन चिंतन/मनन करने पर विवश कर देगी? अंत तक पढ़े जरूर और अपनी प्रतिक्रिया भी दें - छोटी सी बात ने एक बहस का रूप ले लिया और ये बहस रबड़ की भांति बड़ी होती चली गई । उस रात दोनों ने ही खाना नहीं खाया और आज तो एक नियम भी टूटा । बिस्तर में सरस्वती करवट फेर कर लेटी थी ।
ashish singh
ummid he shayad iska agla part bhi aaye
seema pal
bahut acha likha aapne
नीता राठौर
खूबसूरत अभिव्यक्ति। ये अहम की लड़ाई थी जब दोनों ने जीवन के हर दांव पेंच को समझदारी, प्रेम और विश्वास से निभाया था तो इसे भी दोनो को समझदारी से सुलझाना चाहिए था।
Pallavi Saxena
nice story bt complete nhi h
Raju
आगे लिखकर कहानी पूरी किजीऐ
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