वो अनकहा सा इश्क

निशा रावल

वो अनकहा सा इश्क
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सारांश

निशा की कलम से..... अजय उठो सुबह हो गयी,सीमा ने जोर से चिल्लाते हुए उठाया पर नींद में रवि ने बस हम्म्म्म उठता हु और फिर सो गया,सीमा फिर अपने काम मे लग गयी नाश्ता बनाना,बच्चों को तैयार करना फिर खिलाना ...
Manviesha prasad
कहानी अच्छी है.... कुछ वर्तनि सुधार करे।
Satish Awasthi
सभी कहानियाँ बहुत ही भावुक और मर्मस्पर्शी हैं। सभी आदरणीय लेखकों को बहुत-बहुत शुभकामनायें
Belim Washu
khani to achi h pr ek hi admi ke 2 2 naam ye smj me nhi aya or kuch nhi
Akela musafir ...🚶
Bhut hi pyari story thi thanx
Ajay Gupta
प्यार का अहसास समय पर करना और करा देना चाहिए नही तो खाई इतनी बड़ी हो जाती है कि कोई नहीं पाट पाता
Usha Garg
अच्छी है जब कोई दूर जाने लगता है तभी उसकी अहमियत समझ एस्टी है
Avantika Bajpai
Bahut khub mam but Ravi kon hai
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Anjali
confused between ravi and ajay
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