वेलेंटाइन डे

Khushi Priyanka Gupta

वेलेंटाइन डे
(16)
पाठक संख्या − 797
पढ़िए

सारांश

किसी को भी बिना पूरी तरह जाने विश्वास नहीं करना चाहिए। सामने वाला तो आगे बढ़ जाता है और आप अपनी गलती ही ढूंढते रहते है।
Anurag Chaturvedi
अनुपम अभिव्यक्ति
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Rajan Soni
so sad... not good... but story is very beautiful .. however I don't like end...
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Gyanendra maddheshia Gyani
निःशब्द प्यार की अभिव्यक्ति आजकल इस दौर में कोई समझ ही नही रहा..... अधिकतर के लिए ये सब एक खेल बन चुका है। आपकी लेखनशैली ने कहानी को अर्थपूर्ण बना दिया...पूरा scene जैसे आँखो के सामने था....उस लड़की की संवेदनाएं बहुत ही विचलित कर गयी। very heart touching story....
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Preeti Garg
heart breaking story.pyar koi shart lagane ke liye nahi.feelings Hoti he.
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Avinash Dwivedi
VERY HEART BREAK स्टोरी
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Mohit Khare
very good story
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ऋषभ आदर्श
85 to 90 percent वैलेंटाइन इसी कारण से बनते हैं। काफ़ी दर्दनाक अभिव्यक्ति रही ये,यक़ीनन लेखन का कमाल है और सच का भी। ❣️❣️
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Vijay Kumar Soni
बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति! कृपया मेरी कविता "मौसम" भी पढ़ें और अपनी समीक्षा दें!
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चहल राव   ♡सोना♡
kafi emotional story h ....ab to trend bn gya h kisi ke emotions se khelne ka...
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Ankit Maharshi
ये शायद सबसे ख़ौफ़नाक वैलेंटाइन डे होगा। काश ऐसा किसी के साथ न हो। आपकी कहानी ने अंदर तक हिला दिया।
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