वृंदा ने कहा था

कमल कपूर

वृंदा ने कहा था
(20)
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सारांश

' समर पॉम सोसायटी' के अपने खूबसूरत अपार्टमेंट की बॉलकनी में बैठे वह नीले धुले खुले आसमान के शामियाने तले पसरे चटक हरे आलोक को देख-देख मुग्ध हो रहे थे और सोच रहे थे कि जिसने इस सोसायटी की कल्पना की होग
SSB
SSB
आपका कहानी कहने का अंदाज बहुत बेहतरीन है !!!!
Reema Bhadauria
Bahut khubsurat😊😊
Vijay Hiralal
sirf shabad kafi na hoge is ke liye
Veena Jha
So Heart touching, I am spellbound...
निधि शुक्ला
Bahut Acchi kahani....marmik...avam krambadh lekhan .....💫
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