विषकन्या

डॉ.रमाकांत द्विवेदी

विषकन्या
(272)
पाठक संख्या − 12392
पढ़िए

सारांश

विषकन्या कहानी है एक ऐसे युवक की जो छोटे से शहर से आता तो है माँ बाप के सपनों को पूरा करने ,किन्तु शहरी चकाचौंध में ऐसा फंसता है कि पढाई के बजाय अपनी गर्लफ्रेंड के ख्वाब को सच करने में जुटजाता है और ...
Shailesh Kumar Dubey
बिषकन्या का विष सही समय पर उतर गया
Geetawali Mishra
सुबह का भूला यदि शाम को घर वापस आ जाएं तो उसे भूला नहीं कहते । उत्तम रचना
Rajan Kumar
very nice and real.
sudha tiwari
आजकल लोग अपने मतलब के लिए अपना बनाते है
Manisha Jain
बहुत ही apt है ये स्टोरी आज के ज़माने में
Bala
👌👌👌👌👌
Rohit Rai
क्या कहानी लिखी है,दिल को छू गई गुरु
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.