विश्वास

सीमा जैन

विश्वास
(245)
पाठक संख्या − 23612
पढ़िए

सारांश

ईशा आफिस में अपनी टेबल पर बैठी काम कर रही थी तभी उसकी नज़र सामने से आते अपने मंगेतर समर पर पड़ी। उसके मन में विचार आया,' हे भगवान इस समय नहीं , अभी इससे बात करने का बिल्कुल मन नहीं हैं।ऐसे टहलता हुआ ...
Geeta Rawat
bahut sunder kahani hai
Somesh Ârmo
👌👌👌👌👌
अंक मौर्या
बहुत खूब । 💐👌
shradha
bahut rochak n achchi story
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.