विवाह: एक नयी शुरुआत

शशांक भारतीय

विवाह: एक नयी शुरुआत
(752)
पाठक संख्या − 39417
पढ़िए

सारांश

ठक! ठक! ठक ! दरवाजे पे जोर से खटखट करते हुवे देव को महसूस हुआ की रात के ग्यारह बज रहे हैं. सब सो गए होंगे. इसलिए उसने खटखट धीमे कर दी. बाहर पूरा भोपाल झमझमा रहा था. आज तो बड़े तालाब का मकबरा डूब ही ...
Anshul
achi story. but ek baat samajh nahi aayi dev starting main Anjali se itna katta kyon rahta tha
Umesh Kumar
kash... Bhut achi h
NAVEEN KUMAR
बहुत ही अच्छी कहानी। बहुत दिन बाद ऐसी कहानी पढ़ी। ।।मजा आ गई,कहानी के शब्द यादों में खोने को मजबूर करते हैं।,,,,
Davinder Kumar
कहानी बहुत सुंदर विवाह के बाद जीवन की एक नई शुरुआत होती है उस पर आप ने बखूबी लिखा है
Khushi Tripathi
kehna bahot kuch chahti hoon ispe magar samjh mein nhi aa rha kya bolu..? kahaani aur sach 2 alag alag baate hoti hai kahaaniyon ka sach se dur dur tak koi rishta nhi hota hai...kash ki aisi kahaaniyian sach bhi hoti ....phir bhi bahot achcha likha hai
Vinay Anand
उम्दा लिखा है आपने आपकी रचना को पढ़कर रोया हूँ, हँसा हूँ, गुदगुदाया हूँ कई जगह लेखन ने दिल छू लिया - आउट ऑफ सिलेबस - खुद भी लटक लेती - नुझे क्यो लगता है कि तुम दूर जा रहे हो मुझसे - मानव अधिकार - उसका मुंह तोड़ ढु -
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.