विलोमगामी

शशिकांत सिंह

विलोमगामी
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सारांश

"बधाई हो बेटा हुआ है..." के सन्देश ने सारे घर में खुशियों का माहौल पैदा कर दिया था I हर कोई पिताजी को बधाइयां दे रहा था I पिताजी को लगा की चलो अब मेरे बाद मेरे वंश को आगे ले जाने वाला इस दुनिया में आ ...
Dr Pratibha Saxena
सार्थक ,नवीन दृष्टिकोण को दर्शाती उत्तम कथा
Rashmi Prakash
आपने नारी का बहुत ही खूबसूरत शब्दों में बिवेचन किया है । बिना किसी इगो के नायक ने अपनी दूसरी भूमिका स्वीकार की है वो पुरूषो के लिए सीख है।
Amit Saini
aaha बहुत सुंदर
હરીશ દાસાણી
समय प्राथमिकता बदल देता है ।
Aruna Ramarao
sahi shuruat!! superb story
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Rahul Goswami
सामंजस्य स्थापित करने के लिए ये भी अच्छा...
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Priti Ahalawat
very good
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Kushbu Sharma
sab ko samz aaye ye baat
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