विचित्र मित्र

देवेन्द्र प्रसाद

विचित्र मित्र
(181)
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पढ़िए

सारांश

यहाँ उसके घर में उसकी विधवा के सामने बैठकर मेरे भीतर भावुकता उमड़ रही हैं। मुझे तकलीफ इस बात की ज्यादा है कि उसकी मृत्यु की खबर मुझे इतनी देर से क्यों दी गयी और मैं इस बात के लिए भाभी से शिकायत करना च
Nitin Swami
मौत के डर ने धीरे-धीरे उसे एक मानसिक रोगी बना दिया था
Akkii
क्या कह इस स्टोरी के बारे में,सर,, यु आर ग्रेट,,,,,लेकिन ये दोस्त इतना बदल कैसे गया बताए,,,,,,
Rekha Sharma
iska next part b hai kya? Agar h to kab aayega?
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Rakhi Nautiyal
kahani to achi h.pr kuch adhura sa h .next part to bnta h.
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khushi singh
story achhi he.bt kya ye puri nhi he.
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Nidhi Kaushik
waiting for next part
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Sunaina Dubey
behtreen story
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संतोष नायक
हृदयस्पर्शी कहानी। रचना शैली भी बहुत अच्छी लगी।
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