विचित्र मित्र

देवेन्द्र प्रसाद

विचित्र मित्र
(149)
पाठक संख्या − 50217
पढ़िए

सारांश

यहाँ उसके घर में उसकी विधवा के सामने बैठकर मेरे भीतर भावुकता उमड़ रही हैं। मुझे तकलीफ इस बात की ज्यादा है कि उसकी मृत्यु की खबर मुझे इतनी देर से क्यों दी गयी और मैं इस बात के लिए भाभी से शिकायत करना च
मृणालिनी
meri v samajh mein nahi aaya zinda dil romantic insaan itna berukha kyu hua, asha kya ghatit hua uske sath
रिप्लाय
Shipratinki Sah
nice story but bahut se rahasya khuli hi nhi
Madhur Patel
क्यों, कैसे मृत्यु हुई, क्यों डरा डरा रहा, रहस्य ही रह गया , अनसुलझी कहानी, शैली अच्छी
Vidyottama Arya
कहानी बहुत अच्छी लगी । सबसे अच्छा लगा अंत में बच्चे के माध्यम से सकारात्मक संदेश।
Pritima Singh
आप की एक था दोस्त मे.भी यही कहानी आ रही है
Dr Kamal Satyarthi
Foolish,senceless.
रिप्लाय
सोहन कड़वासरा
बेहतरीन लाजवाब
Yogita Garg
behtreen kahani kuch prashan chodti hui👌
रिप्लाय
KRISHAN chander
ऐसा कुछ मानसिक रोग के कारण भी होता है , यदि वास्तविक जीवन में ऐसा हो तो मनोचिकित्सक से उपचार करवाना चाहिए
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.