विंड चाइम

प्रिया

विंड चाइम
(161)
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सारांश

जब 1 मिनट तक उसका कोई जवाब नहीं आया तो सामान पैक करने में व्यस्त गौरव ने आरवी की तरफ देखा. वह परेशान लग रही थी. शायद कुछ सोच रही थी. गौरव अपना काम छोड़ कर बिस्तर पर बैठा और आरवी के हाथ पर अपना हाथ रखकर पूछा - "क्या हुआ आरवी? तुम परेशान हो? या मेरे जाने से दुखी हो?" इतना कहकर गौरव हँस दिया. मगर आरवी नहीं हँसी.
Mëhå Gupta
mene abhi ye kahani nai padhi .jab ap iska next part likhoge tab padhungi.but kafi time ho gaya iska next part aa hi nai raha
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Dazzling Rashmi
Interesting story I like it
manoj kumar
bahut hi acchi kahani hai || ab agla part jaldi se lekar aaiyega ! hame intezar rahega
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Rajesh Roy
बहुत सुंदर कहानी
NAZISH PARWEEN
very nice story 👌 superb
Jyoti Mittal
बेहतरीन दुसरा भाग जल्दी लाये
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Sagar Mehta
बहुत बढ़िया...
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