वापसी

अनिता तोमर

वापसी
(22)
पाठक संख्या − 175
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सारांश

बेटियां घर से विदा ज़रूर होती हैं परंतु दिल से विदा कभी नहीं होती।
Asha Shukla
समाज की हकीकत को बयान करती यथार्थ और मार्मिक कहानी💐💐 खूबसूरत और शानदार लेखन👌👌💐💐
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JS Naphrary
Ye bhe jiven ki ak sachi he
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Shourabh Prabhat
बहुत ही भावपूर्ण और मार्मिक कथानक.... दिल में संवेदना का प्रवाह करने में समर्थ रही आप...
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bhagirath choudhary
बहुत सुन्दर लेखन
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Omi Solanki
मार्मिक कहानी। आज समाज मे ऐसा ही होता है। वेसे आपकी कहानी बहोत खूब है👌👌👌🙏
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Vijaykant Verma
सही कहा आपने। बेटियां दिल से विदा कभी नहीं होती..💐💐
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अरविन्द कुमार पुरोहित
मार्मिक कहानी। साहित्य समाज का दर्पण है या समाज साहित्य का? सोचने पर मजबूर करती है आपकी रचना। लेकिन थोड़ा और अंदर जाइये, अर्थ के नए मोती खोजने। बधाई।
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sushma gupta
amazing story 👌
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SURYA RAWAT
बहुत-बहुत बधाई आपको रचना के चित्रण हेतु ... अनीता जी 😊😊
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