वापसी

नन्द भारद्वाज

वापसी
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सारांश

स वेरे नौ बजे जब फोन लगाया तो किसी स्‍त्री ने फोन उठाया था। आवाज़ कुछ जानी-पहचानी-सी लगी, लेकिन ठीक से पहचान नहीं पाया कि कौन हैं। आलोक सुबह साढ़े नौ तक अमूमन घर में ही होता है और फोन भी वही उठाता है। ...
Baljeet Kaur
very nice
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nidhi
बहुत बढ़िया... सांकेतिक अंत
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Pushp Kant Kushwaha
अति सुंदर कहानी कहानी जीवन को सही निर्णयों की जरूरत होती है
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Asmi Srivastava
nice
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Ajay
bahut achchi story agar aap iska agla bhag bhi likh de to badi krapa hogi mja aa jayega story me
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प्रीति मिश्रा
उम्मदा बेहतरीन ढंग से प्रस्तुति🙏😊
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Rani Singh
Prernadayak aur Marmik
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Deepak Kumar
beyhadh khoobsurat......
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Reeti Srivastava
waah ri kismat
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Rakesh kumar Jha
कहानी का अंत अपूर्ण है
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