वह सपने बेचता था

राकेश बिहारी

वह सपने बेचता था
(40)
पाठक संख्या − 3288
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वाह बहुत ही बढ़िया। कथा का थीम, कथ्य, लय सभी बहुत बढ़िया
ajay dwivedi
बहुत अच्छा लगा पढकर
pooja awal
a complete view of real world.. gud one
Gupta Rachna
लाजवाब वाकई में लोग अपने ही नहीं दूसरों के सपने बेचने लगे हैं
Sandeep Sachdeva
Mast..... Sahi hai.... Real Globalisation....
kailash
बहुत ही अच्छी सार्थक कहानी
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