वर्ण व वर्णमाला

ओमप्रकाश शर्मा

वर्ण व वर्णमाला
(40)
पाठक संख्या − 7509
पढ़िए

सारांश

भाषा की लघुतम इकाई ध्वनि है। प्राय: सभी प्रयोग में आने वाली ध्वनियों के चिह्न निश्चित होते है| उन ध्वनि चिह्नों के लिए वर्ण शब्द का प्रयोग होता है तथा ये वर्ण ध्वनियों के मौखिक और लिखित दोंनों रूपों ...
प्रभु दयाल मंढइया
माननीय श्री ओमप्रकाश शर्मा जी मैंने प्रतिलिपि की वेबसाइट पर धङकती( बिल्किंग ) होती आपकी रचना " कालू " पढने के लिए अपना कार्य रोक कर पढना शुरू किया तो मैं कोमल हृदय संवेदनशील प्रध्यापक की कक्षा में पहुँच गया।जहाँ प्रत्येक जीव के मनोविज्ञान तथा कर्तव्यनिष्ठा से ओतप्रोत भावनात्मक कहानी पढने को तो मिली ही ,वहीं हिंदी भाषा के ज्ञाता से भी बहुत कुछ सीखने को मिला।निसंदेह हम हिंदुस्तानी हैं और अपनी हिंदी भाषा को भरपूर सम्मान भी देते हैं।हम गर्व से भाषा के पहरूवे बन कर हिंदी में रचनाएं लिखकर आत्मसंतुष्ट होते हैं।किंतु हम हिंदी को कितना जानते हैं ,यह आपका शिक्षाप्रद लेख पढ कर जान पाया हूं।आपका यह प्रयास न केवल हिंदी ज्ञान के संवर्धन के लिए अपितु भाषा का गलत प्रयोग करने वाले लेखक , कवि आदि के लिए भी लाभदायक है।आपने अपने जीवन के अनुभवों को कहानियों के माध्यम से प्रतिलिपि के सदस्यों से साझा कर कई नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त किया है।आपको सार्थक लेखन के लिए बहुत-बहुत बधाई और साधुवाद।
Sn Upadhyay
श्रेष्ठतम
k n tripathi
ज्ञान वर्धक
मंजुबाला
बहुत बेहतरीन एक शिक्षक के लिए
वर्षा ठाकुर
ज्ञान वर्धक उत्तम लेख । कही -कही विरोधाभाष लगा । हो सकता है ,टँकन की त्रुटि हो ।उ को ह्रस्व और दीर्घ स्वर दोनों में शामिल किया है । "उ" लघु स्वर ही है । व्यजंन की संख्या ३३ एक जगह ३५ बताया । स्वतंत्र व्यंजन और सँयुक्त व्यंजन दोनों को मिलाकर कुल संख्या ३९ है । कुल वर्ण १३ ३९=५२ । बचपन में या कही मैंने पढ़ा है ऋ संयुक्त स्वर है ।मेरी जानकारी में सुधार हुआ । मैं आपके लेख को बाद में पुनः ध्यान पूर्वक अध्ययन करूंगी। आपको बहुत बहुत साधुवाद ।
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.