वन का फूल टेसू

Ragini Preet

वन का फूल टेसू
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सारांश

कई बार होता है न कि हम रात्री को किसी मधुर स्वप्न लोक में विचर रहे होते हैं, कल्पवृक्ष सा कोई तरु सामने होता है; और हम उससे अपना पसंदीदा फल तोड़ कर खाने वाले ही हैं.......कि.....कि... कोई हमें झकझोर कर जगाने लगता है। टेसू के साथ भी ऐसा ही हुआ। एक दिन अचानक दरवाजे की घंटी बजी और सामने माँ -बाबा को देख कर टेसू चौंक पड़ी। अभी ठीक से दस दिन भी नहीं हुये होंगे, बाबा मालकिन से पिछले चार माह के रुपये लेकर गये थे। फिर इतनी जल्दी दुबारा कैसे आये? शीघ्र ही उसके सभी प्रश्नो का उत्तर मिल गया।
Nirmal Saluja
Beautiful and heart touching story
Gayatri Vaishnav
bhut Khub Jane kitne tasu viana ma'am ki rha sal ri hi
अरविन्द सिन्हा
शिक्षा के महत्व को रेखांकित करती सुंदर कहानी । साधुवाद ।
bhagirath choudhary
बेहतरीन लेखन
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कमलेश त्रिपाठी
बढ़िया रचना
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Neha Nandan
Superb
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Aparna Das
Bhut sunder... Aapki har kabita me hame kuch n kuch sikhne ko milta h.. So inspiring.
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Ruby Shrivastava
Very Nice👌👌
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Pranav kumar
Awesome.... intresting स्टोरी ✍️🙏
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