वंश भाग 1

Pawan Pandey

वंश भाग 1
(33)
पाठक संख्या − 8210
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सारांश

श्मशान घाट पर अब दो चार लोग ही शेष रह गए थे। मै अब भी टकटकी लगाए अपने पिता के जलती चिता को देख रही थी। आज शमशान घाट पर लोगों ने एक लड़की के हाथों अपने पिता को मुखाग्नि देते देख हैरानी तो हुई। चाचा के ...
Ashutosh Kumar Raj
आप का रचना बहुत अच्छा है ।
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Priyanka Kartikey
बहुत ही सुंदर रचना..☺☺👌👌और पुरानी कुरीतियों पर प्रहार करती आपकी रचना एक आधुनिक समाज की नयी मिशाल पेश करती है..👌👌👌अगले भाग का बेसब्री से इंतजार है मुझे..उसे भी लिख डालिये..
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Vandana Rastogi
Very nice story
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कुलदीप कुमार
suprb sir ji
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Dipti Biswas
शानदार कहानी।।।पढ़कर मन कहि खो गया।।।
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शैलेश सिंह
आपकी कलम में भाव है और भावनाओ का प्रवाह भी,,
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Versa Saxena
nice
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Rachna Singh
आगे पढ़ने को उत्सुक ...
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Rishabh Shukla
nice
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