लीलावती

अज्ञात

लीलावती
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सारांश

हमेशा की तरह एक दिन विक्रमादित्य अपने दरबार में राजकाज निबटा रहे थे तभी एक ब्राह्मण दरबार में आकर उनसे मिला। उसने उन्हें बताया कि उनके राज्य की जनता खुशहाल हो जाएगी और उनकी भी कीर्ति चारों तरफ फैल ...
sanu
ye sahime bharat ke raja the vikramaditya agar mugal oteto sab lut ke lejaa te.
madhu
the king vikrmaditya the greatest
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