लीप सेकेण्ड

इंदिरा दांगी

लीप  सेकेण्ड
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सारांश

खच्च् !! - मौत के अपराजेय जबड़े ने कौर भरा; अबकी एक आकर्षक युवा जि़न्दगी निवाला है।इंजीनियर गुलाल अपनी हालिया शुरू साॅफ़्टवेयर कम्पनी के दफ़्तर में रात तीन बजे तक काम करता रहा था। एक बड़े सरकारी प्रोज
Mohd Kashif
maza aa gaya sach me
Hadiqa Zara
sach me aisa hi hota h
Ina Shah
ऐसा लगा कि कहानी पढ़ी नहीं मगर नायक के साथ वो पल जीने का अनुभव कर लिया । बहुत बढ़िया रचना है ।
Nawnit Kumar
उम्दा लेखन, वाकई एक पल के लिए भी ध्यान नही भटका... 👍👍👍
Atul
shabd nahi hai mere pass kahane ko.
Satish Pandey
बहुत उम्दा लेखन !!!!
Anil Sharma
dildhadak story 👏👏👏👏
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