लीप सेकेण्ड

इंदिरा दांगी

लीप  सेकेण्ड
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सारांश

खच्च् !! - मौत के अपराजेय जबड़े ने कौर भरा; अबकी एक आकर्षक युवा जि़न्दगी निवाला है। इंजीनियर गुलाल अपनी हालिया शुरू साॅफ़्टवेयर कम्पनी के दफ़्तर में रात तीन बजे तक काम करता रहा था। एक बड़े सरकारी ...
Umesh Kumar
life between hope nd unhope.. wonderful
Manu Prabhakar
साँप से बातें ... जबरदस्त लगा। ऐसा लगा ही नहीं की गुलाल वाइपर से बात कर रहा। बहुत अच्छी लगी आपकी रचना ।
Archana Varshney
बहुत सुंदर
Abhishek Bais
very very nice story....
puneeta
excellent gripping story....with wonderful msg of having courage to deal with adversities
Sonu Arsenag
very nicely told story.
प्रदीप दरक
wow क्या खूब लिखा है
Mohd Kashif
maza aa gaya sach me
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