लिव इन की कहानी (सम्पूर्ण )

डॉ.अनुराधा शर्मा

लिव इन की कहानी (सम्पूर्ण )
(115)
पाठक संख्या − 15557
पढ़िए

सारांश

मेरी दीन स्थिति से उसे कोई लेना देना ना था । मैं अक्सर अपने कपड़े जूते तक को तरस जाया करता..। .कितने दिन तक दो कमीज दो पैंट में ही गुजारा करता.. जबकि मुझे भी अच्छे कपड़े पहनने का शौक था ।पर उसे मेरी ...
Hemant MOdh
पूरी ईमानदारी के साथ स्त्री-पुरुष के भावों को अभिव्यक्त किया है, आपने इस कहानी में व्यक्तिगत भावनाओ को सहजता के साथ लिखा है, वाकई मुश्किल होता है, इतनी सरलता के साथ इतना कुछ लिखना, शानदार लेखन के लिए हार्दिक बधाई, शुभकामाएं... सादर अभिवादन..! filmvisualizer@gmail.com हेमन्त मोढ़
रोहिणी गुप्ता
बहुत अच्छी कहानी।
Karish Rana
But this is not true for Live In Relationship only this story also can portray Arrange Marriage which is done by Social acceptance
Preeti Singh
अचछी कहानी
Kailash Jain
bahut hi sunder kahani
Ajay Pathak
खूबसूरत
Usha Sood
एक सच्चाई है। आज के परिवेश में रंगा हुआ एक युवक अपने आपकों बता रहा है उदभभ्रान्त है और मैसेज कर रहा है गहराप्रहार है ‌रचना ।।। ।
Pramod Ranjan Kukreti
बहुत अच्छी कहानी ।
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.