लावण्या एक विजेता ?

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 लावण्या एक विजेता ?
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सारांश

उस दिन लावण्या मैडम जी ने अपने अंगरक्षक बलदेव को अपने घर उसका हिसाब चुकता करने के लिए बुलाया था ।उसके अंदर आने पर मैडम जी ने दरवाजा बंद करने के लिए कह कर उसे अपने सामने वाली कुर्सी पर बैठने का इशारा ...
Saroj Vishwakarma
Nidhi Rajnaitik prastbhumi per. likhi kahani ,rajniti ki sahi tasveer h.ye kahani. lagta h koi satya ghatna pad rhe h. congratulations.
Archana Varshney
बहुत बढ़िया
Meena Bhatt.
एक चतुर शियार सी लावण्या।बहुत बहुत बधाई एक सुंदर, सच्ची कहानी लिखने के लिए।
Kulvinder Garg
very nice superb 👍👍👍👍👌👌👌👌👏👏👏
Pramod Ranjan Kukreti
बहुत अच्छा लिखा है । कहानी की गति और कड़ियों का जुड़ाव बेहतरीन है,पाठक को जोड़े रखती है आरंभ से अंत तक । राजनीति का कुत्सित रूप उकेर के रख दिया ।
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Dev Tiwari
अद्भुत प्रस्तुति
Sayam Bihari
सुन्दर ।राजनीति में पसरी विद्रूपता का चित्रण अच्छा बन पड़ा है ।प्रस्तुति ठीक ठाक ।धन्यवाद ।
Vivek Malik
ओह्ह... क्या लिखा है... मैं तो मंत्र मुग्ध हो कर एक एक शब्द पढ़ता चला गया... अंत मे केवल एक ही शब्द कहूंगा "वाह"... कृपया मेरी कुछ् रचनाओं को पढ़ कर मार्गदर्शन करें।
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