लाजवाब

Harish Pandey

लाजवाब
(150)
पाठक संख्या − 38628
पढ़िए

सारांश

6 साल की ईशा अपनी उम्र से कुछ अधिक ही समझदार और बुद्धिमान थी। पढ़ने लिखने में तो तेज़ थी ही साथ ही साथ हिंदी और अंग्रेज़ी की न जाने कितनी ही कविताएं उसने कंठस्थ कर रखी थीं। ज़ुबान भी इतनी साफ थी कि अगर ...
kamlesh pawar
लाजवाब 👌👌👌👌👌
Neena Jaiswal
ye kahani nhi balki adhiktar mahilao ke jivan ki hakikat hai.mard hamesha se aurat ko apne se km aankta hai ,uski mardangi ko tthes pahuchati hai ,jb kch nhi sujhta to hath to hai hi khud ko mahan sabit krne k lye
विनीत शर्मा
वाकई में लाजवाब है, और उससे कहीं अधिक आपकी लेखनी
रिप्लाय
मीरा परिहार
वाहहहह बहुत अच्छी रचना,शब्दों के स्पस्टीकरण कराने में भी सक्षम कराती कहानी
रिप्लाय
Vickey#
bhut hi laajavabh.......
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.