लव आजकल

जुनैद चौधरी

लव आजकल
(564)
पाठक संख्या − 32855
पढ़िए

सारांश

हाँ मुझे ये भी याद है उस दिन तुम्हारे स्कूल में पेरेंट्स मीटिंग थी। और तुम जल्दी छुट्टी लेकर मुझसे मिलने रेस्तरॉ आयी थी। उस दिन भी बादल आज ही की तरह मस्ती में था और हलके हलके मोतियों की बौछार कर रहा था। तुम्हारी बड़ी बड़ी पलकों पर वो मोती बेहद खूबसूरत लग रहे थे। और तुमको देख के में बस इतना कह पाया था। लॉन्ग ड्राइव पर चले।। और तुम ने हां में सर हिलाया और मेरी दोस्त से उधार ली हुई स्कूटी पर बैठ गयी थी।। मौसम खुशगवार था। और उस पर ठंडी ठण्डी बूंदो के बीच तुम्हारी सांसो की गर्माहट। उस दिन इत्तेफ़ाक़ की मुलाकात की वजह से में तुम्हारे लिए कुछ ला नही पाया था।। सिवाये उस गुलाब के जो तुमने आज तक बेहद सम्भाल के रखा है।।में जानता हूँ अब इस सब का कोई मतलब नही।। लेकिन बस इस बारिश ने फिर से पुरानी यादें ज़िंदा कर दी।
लवी तिवारी
lv the story of novel
रिप्लाय
Renu Singh
jesa karoge vasa paoge kahani ky nayek ne bhi dhokhe se nayeka ko paya ......to use last me use nayeka ne dhokha dydeya nice story
रिप्लाय
Kavita Chaudhary
आजकल के हिसाब से बिल्कुल परफेक्ट कहानी लिखी है सर आपने । खेल बना दिया है मुहब्बत को लोगों ने
रिप्लाय
Abhishek Kejriwal
nice
रिप्लाय
Vikas
nice.pyar bhi dokha bhi,dard bhi romance bhi.gajab ki lekhni h apki.aur aapke readers ke sath interaction bhi kafi h.overall nice story and best of luck for ur future
रिप्लाय
Fahmina Abidi
kya speed h janab apki....😱
रिप्लाय
gulafsha
nice story🌹🌹 but har ladki bewafa nhi hoti
रिप्लाय
Pooja Pooja
आपकी कहनी प्रतिलिपि प्रेम पढ़ने के बाद लिखना शुरू करा, जबकि पढ़ कई सालों से रही थी, बेहद अच्छा लिखते हैं आप, बड़े लेखको की तरह नही पर एक अलग सा लेखन है आपका। lots of wishes Mr junaid....
रिप्लाय
Anami Tiwari
bhut hi shandr story h 👍
रिप्लाय
vikram randhir
ये क्या लिख दिया मेरे भाई 🤔अब क्या कोई विश्वास करे गया मोहोब्बत पर बोलो
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.